Story with Moral In Hindi | ईमानदार व्यक्ति की तलाश 

Story with Moral In hindi

Story with Moral In hindi | ईमानदार व्यक्ति की तलाश
कहते हैं की आज के दौर में भलाई का ज़माना नहीं रहा लेकिन फिर भी कई लोग
ऐसे होते हैं जो ना किसी का बुरा सोचते है ना करते है और कई बार दूसरों की भलाई
और अच्छे कार्य करते करते हम ज़िन्दगी में कुछ अलग कुछ नया कर जाते हैं| कुछ इसी
बात पर आधारित है हमारी आज की यह story “Story with Moral In hindi | ईमानदार व्यक्ति की तलाश  ”

Story with Moral In hindi| ईमानदार व्यक्ति की तलाश

Story with Moral In hindi | ईमानदार व्यक्ति की तलाश 

एक गाँव मै एक सेठ रहता था जिसके पास किसी भी चीज़ की कमी नहीं थी |
उस गाँव मै कोई स्कूल नहीं था और उस गाव के बच्चे पढने के लिए दुसरे गाँव
जाया करते थे , उसने सोचा अगर मै इस गाँव मै एक स्कूल बना दु तो यहाँ के
बच्चो का भविष्य कुछ अच्छा हो जायेगा , उस वयक्ति ने स्कूल बनवाने का काम
शुरू कर दिया और थोड़े समय मै वहा स्कूल बन गया , उस व्यक्ति ने कुछ अच्छे
टीचरों को अपने स्कूल मै बच्चो को पढ़ाने के लिए रख लिया |

कुछ समय तक सब सही चलता रहा पर कुछ समय बाद बरसात की एक रात उस स्कूल मै चोरी हो गयी
जिसमे वह चोर बच्चो के बेठने वाली कुछ बेंच और स्कूल का कुछ अन्य सामान चोरी
करके चले गए , सब इस घटना से दुखी थे की बच्चो के स्कूल मै कोई कैसे चोरी कर
सकता है | फिर उस सेठ ने एक ईमानदार चपरासी की तलाश शुरू की जो पूरी रात वहा
पहरा दे सके ताकि भविष्य मै ऐसी कोई घटना फिर से ना हो सके उस वयक्ति ने गेट के
बाहर एक नोटिस बोर्ड लगा दिया की गाँव के स्कूल के लिए एक ईमानदार चपरासी की जरूरत है

यह देख कई लोग अपनी अर्जी लेकर उस सेठ के पास पहुचे पर सेठ ने सब से कहा
की मुझे एक इमानदार व्यक्ति की जरूरत है , लोगों को पता था की यदि स्कूल में चपरासी का
काम मिल जाएगा तो वेतन भी बहुत अच्छा मिलेगा| पर सेठ ने सबको मना कर दिया क्योकि
सब व्यक्ति पैसो की बात लेकर उस सेठ से बहस करते|

Story with Moral In hindi | ईमानदार व्यक्ति की तलाश

स्कूल मै कुछ बच्चे गाँव की दूसरी तरफ से आते थे उन्हें स्कूल पहुचने के लिए एक नदी
को पार करना होता था बारिश का समय चल रहा था इस वजह से उस नदी मै पानी भर
जाता था , एक गरीब व्यक्ति जो उन बच्चो से बहुत प्यार करता था वह अब हर रोज सुबह
और शाम उन बच्चो को अपने सर पर बिठा कर नदी को पार करवाया करता क्योकि वह
व्यक्ति चाहता था की उसके गाँव के यह बच्चे अच्छे से पढ़ लिख कर उसके गाँव और अपना
नाम रोशन करे ,

गाँव के उन बच्चो को रोज आता देख उस धनि सेठ ने उन्ह बच्चो से पूछा की तुम लोग इतनी
बारिश मै नदी को कैसे पार करके आ जाते हो , सब बच्चो ने सेठ को उस गरीब व्यक्ति के बारे
मै बताया जो उन्हें यह नदी पार करवाता था ,
सेठ ने बच्चो से कहा की उस व्यक्ति को कल अपने साथ लेकर आना , अगले दिन उन बच्चो ने
वैसा ही किया सेठ ने उस व्यक्ति से पूछा की तुम यह सब क्यों करते हो यह ,
वह व्यक्ति ने कहा – मै चाहता हु की गाँव के यह बच्चे अच्छे से पढ़ लिख कर हमारे गाँव
और अपना नाम रोशन करे ,

Story with Moral In hindi

आप ने इन बच्चो के भविष्य के लिए इतना बड़ा कदम उठाया है
तो क्या मै इन बच्चो के लिए इतना भी नहीं कर सकता
उस व्यक्ति की यह बात सुनकर सेठ खुस्श हो गया और उसने उस व्यक्ति से कहा की मुझे एक
ईमानदार चपरासी की जरूरत थी क्या तुम वह काम करोगे तुम्हे इस काम के अच्छे पैसे मिलेगे |
उस व्यक्ति ने कहा हाँ मै जरुर करूँगा पर मुझे इस काम के लिए पेसे नहीं चाहिए | आप ने इन
बच्चो के लिए इतना किया है मै आपसे पैसे कैसे ले सकता हु |
सेठ ने कहा ठीक है पर मै फिर भी तुम्हे इस काम के कुछ पैसे जरुर दूंगा ….
उस धनी सेठ ने उस व्यक्ति को चपरासी की नौकरी दे दी | क्योकि उसे पहला ऐसा व्यक्ति मिला था
जिसे पेसो से ज्यादा बच्चो के भविष्य की चिंता थी

मोरल – इस कहानी मै आपने देखा की धनि सेठ ने बच्चो के लिए एक बहुत अच्छा काम किया और उसे जब एक अच्छे ईमानदार व्यक्ति की तलाश थी तब उसे वह व्यक्ति खुद मिल गया , ऐसा ही उस व्यक्ति के साथ भी हुआ वह निस्वार्थ बच्चो की मदद कर रहा था और यह मदद करते करते उस गरीब व्यक्ति को अपना जीवन यापन करने के लिए एक कार्य खुद मिल गया

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सतश्रीअकाल दोस्तों मेरा नाम हरप्रीत सिंह है | सिंह फैक्ट डॉट काम मै आपका स्वागत है यहाँ पर आपको पढने के लिए मिलेगे रियल फैक्ट्स एंड स्टोरीज इन हिंदी मै और पंजाबी स्टेटस और शायरी , बस आप लोगो के प्यार और सपोर्ट की जरूरत है वह देते रहिये

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