Small Moral Stories in Hindi -मित्रो , आप सभी ने बचपन में अनेको कहानिया अपनी दादी -नानी
की गोदी में बैठकर जरुर सुनी ही होंगी और ऐसी कहनियो के अंत मै हमे हमेशा
कुछ ना कुछ ज्ञान या जीवन को सही से जीने लिए जरुरी जानकारी मिला करती थी | तो दोस्तों इस पेज पर आपको ऐसी ही (Small Moral Stories in Hindi ) पढने के लिए मिलेगी  Small Moral Stories in Hindi   ऐसी कहानिया हमे हमेशा ही जिन्दगी मै कुछ न कुछ सबक सिखाती है |

दिल से करो मेहनत | Small Moral Stories in Hindi

Small Moral Stories in Hindi
Small Moral Stories in Hindi – दिल से करो मेहनत

एक गाँव मै एक पहलवान लड़का रहता था जिसका जिसका नाम वीर था उसका
शरीर बहुत मजबूत था , आस पास के सभी गाँव मै उसकी टक्कर का कोई पहलवान
नहीं था , सब लोग उससे बहुत प्यार और आदर सत्कार से बात किया करते थे
वीर अपने घर मै अपने बड़े भाई और भाभी के साथ रहता था , उसके बड़े भाई और भाभी
भी उसे बहुत प्यार किया करते थे |

थोड़े ही समय मै वीर अपने आस पास के गाँव के सभी
पहलवानों को हरा चूका था | और उसका नाम काफी फ़ैल गया था , उसके गाँव मै एक
लड़का रहता था जो की अन्दर ही अन्दर से वीर से चिडता था , उसने एक दिन वीर से कहा
की सब लोग तुमसे डरते है इसलिए वह तुमसे प्यार का दिखावा करते है तुमसे सच मै कोई
प्यार नहीं करता तुम क्यों यह पहलवानी करते हो इसके बजाये तुम खेती का काम संभालो
उसमे तुमे बहुत ज्यदा मुनाफा होगा |

Small Moral Stories in Hindi – दिल से करो मेहनत

उस लड़के की यह बाते रोज वीर के दिमाग मै घुमने लगी और अंत मै उसने अपने बड़े
भाई से कहा मै अब कोई दूसरा काम करना चाहता हु मुझे यह पहलवानी का काम अब
अच्छा नहीं लगता | वीर के बड़े भाई ने उसे बहुत समझाया पर वीर ने अपने भाई की एक
नहीं सुनी तो थक कर उसके बड़े भाई ने कहा ठीक है तुम मेरे छोटे भाई हो और तुम्हारी
खुशी मै ही मेरी खुशी है |

वीर बहुत खुशी खुशी से अपने बड़े भाई के साथ खेत के काम करने लगा कुछ समय तक
सब सही रहा पर थोड़े समय बाद वीर का मन खेत के कामो से हटने लगा , वह अब खेत मै
जाने से कतराने लगा एक दिन उसके बड़े भाई ने वीर से कहा – वीर मै काफी दिनों से देख
रहा हु तुम बहुत उदास रहते हो तुम्हारा ध्यान काम पर भी नहीं है
वीर ने कहा – भैया मेरा दिल करता यह काम करने का क्या मै कोई और काम करू मेरा यह
खेती के कार्य मै दिल नहीं लगता

वीर के बड़े भाई ने पूछा तुम क्या करना चाहते हो वीर ने कहा मै अब मिठाई की दूकान खोलना
चाहता हु इस काम मै बहुत अधिक धन है

बड़े भाई ने कहा वीर तुम यह काम कर सकते हो ना ?

Small Moral Stories in Hindi – दिल से करो मेहनत

वीर ने हाँ मै सर हिला दिया और थोड़े समय मै उसने एक मिठाई की दूकान अपने गाँव मै शुरू करदी
वीर की उम्र अब शादी के लायक हो चुकी थी इसलिए उसके बड़े भाई और भाभी ने मिलकर उसकी
शादी एक सुशील कन्या से कर दी |

शादी के कुछ दिनों बाद वीर का मन इस कार्य से भी हटने लगा वह अब बहुत कम दूकान पर
जाया करता जिस वजह से उसकी मिठाई की दुकान बंद होने लगी और वीर को इस बिज़नस मै
काफी हानि हो गयी|

एक दिन गाँव का वही लड़का जिसने वीर को कुश्ती छोड़ने की सलाह दी थी उसके पास आया
और वीर को परेशान देख कर उस से इस परेशानी की वजह पूछी
वीर ने सारी बात उस लड़के से बता दी , उस लड़के ने वीर से कहा क्या तुम्हे नहीं लगता जब
से तुम्हारी शादी हुई है तब से तुम्हारे सारे काम बिगड़ रहे है , कही तुम्हारी पत्नी मनहूस तो नहीं ,
वीर ने कहा नहीं ऐसा कुछ नहीं है

Small Moral Stories in Hindi – दिल से करो मेहनत

पर बार बार यह बात दिमाग मै सोचने पर वीर को सच मै लगने लगा की उसकी पत्नी मनहूस है
और अब उसने अपनी पत्नी को घर से बाहर निकाल देने का फैसला किया |
उसके बड़े भाई और भाभी ने उसे बहुत समझाया पर वह नहीं माना और अपनी पत्नी को घर से
धक्के मार कर बाहर निकाल दिया , कुछ समय बाद उसके बड़े भाई और भाभी ने भी उसका साथ
छोड़ दिया वह दूसरी जगह पर रहने चले गए क्योकि वीर का व्यव्हार बहुत खराब हो गया था वह
बहुत चिड चिड़ा हो चूका था |

कुछ दिन अकेला रहने पर वीर पर अकेलापन हावी होने लगा वह बहुत दुखी होने लगा उसने सोचा
ऐसी जिन्दगी जीने से अच्छा तो यही है की मै मर जाऊ

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दिल से करो मेहनत – एक कहानी 

यह सोचकर वह घने जंगल की तरफ बढ़ने लगा उसने सोचा जंगल मै कोई ना कोई जानवर
मेरा शिकार अवश्य कर लेगा | थोड़े ही समय मै वह बहुत घने जंगल मै पहुच गया अब रात हो चुकी
थी वीर अँधेरे मै भी चले जा रहा था

अचानक वीर को जंगल मै एक रौशनी दिखाई दी वह रौशनी आग की थी वीर ने सोचा इतने
घने जंगल मै कोन हो सकता है , वीर उस आग के पास पहुचता है तो देखता है की वहा एक साधू
अग्नि के पास बेठे थे जो इसी जंगल मै रहकर तपस्या करते थे , वीर को अपने पास आता देख साधू

Small Moral Stories in Hindi – दिल से करो मेहनत

ने कहा वीर क्या तुम्हे अभी तक किसी जानवर ने अपना शिकार नहीं बनाया| वीर को बहुत आश्चर्य
हुआ उसने कहा आप को कैसे पता की मेरा नाम वीर है और मै जंगल मै किस कारण से आया |
साधू ने वीर को अपने पास बिठाया और उसे बताया की वह काफी वर्षो से इस जंगल मै रहकर इश्वर की
भक्ति कर रहा है जिस वजह से इश्वर ने उसे ऐसी शक्ति प्रदान की है |
वीर ने कहा तो आप ही बताइए मै क्या करू मेरा सब करोबार बर्बाद हो चूका है और इस सब के पीछे
मेरी मनहूस पत्नी का हाथ है |

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साधू का उपदेश

साधू ने कहा नहीं वीर इसमें सब गलती तुम्हारी है तुमने हमेशा लोगो की बातो को सुना अपने दिल
की बातो को नहीं सुना , जेसा लोगो ने तुम्हे नचाया तुम वेसे ही नाचे , तुमने किसी भी कार्य को
मन लगा कर नहीं किया ,हर कार्य मै समय लगता है पर तुमने हर बार अपना कार्य ही बदल लिया ,
जिन लोगो की बाते तुम सुनते हो क्या वह सदेव सही ही होते है ? तुमने कभी उनकी बातो पर प्रश्न
नहीं उठाया जिसका परिणाम तुम अब भुगत रहे हो …

साधू का उपदेश

साधू की इन बातो से वीर की आखे खुल गयी उसे ज्ञान हो गया की सब गलती उसी की है वह ही
हमेशा लोगो की बातो मै आया और किसी भी कार्य को मन से नहीं किया |
अगली सुबह वीर घर वापिस आ जाता है और अपने बड़े भाई , भाभीऔर पत्नी से माफ़ी मांगकर
उन्हें वापिस घर ले आता है और अब वह खुशी खुशी अपना जीवन यापन करने लगते है ,अब वीर जो
भी कार्य करता है पूरी ईमानदारी से करता है

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सतश्रीअकाल दोस्तों मेरा नाम हरप्रीत सिंह है | सिंह फैक्ट डॉट काम मै आपका स्वागत है यहाँ पर आपको पढने के लिए मिलेगे रियल फैक्ट्स एंड स्टोरीज इन हिंदी मै और पंजाबी स्टेटस और शायरी , बस आप लोगो के प्यार और सपोर्ट की जरूरत है वह देते रहिये

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