Paonta Sahib Gurudwara History Hindi

Paonta Sahib Gurudwara History Hindi – दोस्तों आज इस पोस्ट मे हम आपको बतायेगे पोंटा साहिब गुरूद्वारे के बारे मे Paonta Sahib in Hindi की पोंटा साहिब गुरूद्वारे बनने के पीछे क्या कहानी थी Paonta Sahib Gurudwara Story In Hindi और गुरुद्वारा कब बना इस पोस्ट मे आपको सारी इनफार्मेशन मिल  जाएगी और पूरी Gurudwara Paonta Sahib Ki Kahani भी

Paonta Sahib Gurudwara History Hindi, Poanta Sahib Information in Hindi 

दोस्तों पहले मे आपको पोंटा साहिब के बारे मे थोडा बता देता हु की Gurudwara Paonta Sahib Information In Hindi

पोंटा साहिब हिमाचल प्रदेश मे एक छोटी सी जगह है । जो सिरमौर जिले मे पड़ती है

यह पूरा शहर यमुना नदी के किनारे बसा हुआ है। और गुरुद्वारा श्री पोंटा साहिब भी
बिलकुल नदी के ऊपर ( पास मे ) बना हुआ एक गुरुद्वारा है जो की दसम (दसवे ) गुरु
श्री गुरु गोबिंद सिंह जी की याद मे बना हुआ है क्योकि इस पावन जगह पर श्री गुरु
गोबिंद सिंह जी ने अपने जीवन के बहुमूल्य साढ़े 4 वर्ष बिताये थे|

Paonta Sahib Gurudwara History Hindi
पोंटा साहिब गुरूद्वारे का मुख्य गेट 

Paonta sahib Gurudwara History Hindi

गुरु गोबिंद सिंह जी पोंटा साहिब क्यों गए और उन्होंने वहा जाकर क्या किया

Guru Gobind Singh Ji Paonta Sahib Kab Or Kyu Gaye

पोंटा साहिब की इस जगह पर एक राजा जिसका नाम मेदनी प्रकाश था वह राज
किया करता था | आप जानते ही है की पुराने समय मे राजाओ की अपने पडोसी राजाओ
से किसी ना किसी वजह से युद्ध चलता ही रहता था ठीक इसी प्रकार यहाँ भी ऐसा ही था
यमुना नदी के दूसरी तरफ भी एक राजा था जिसका नाम फ़तेह शाह था वह गढ़वाल
रियासत का मालिक था |Paonta Sahib in Hindi

इन दोनों राजाओ की किसी ना किसी बात पर आपसी लड़ाई
चलती रहती थी और राजा फ़तेह शाह ने सिरमोर का कुछ इलाका अपने कब्जे मे लिया
हुआ था जिस वजह से अक्सर यह दोनों राजा युद्ध करते थे |
गुरु गोबिंद सिंह जी जो लोगो को गुरमत का ज्ञान इंसानियत का ज्ञान देते थे वह बड़े बड़े
राजाओ और महाराजाओ की आपसी लड़ाई भी खत्म करवाया करते थे वह सबको मिलजुल
कर रहने के लिए कहते थे | जब राजा मेदनी प्रकाश को यह पता चला तो उन्होंने गुरु गोबिंद

सिंह को न्योता भेजा और उनसे मदद मांगी , राजा मेदनी प्रकाश भी इन रोज रोज की लड़ाईओ
से परेशान आ चुके थे वह चाहते थे की गुरु गोबिंद सिंह जी किसी तरह से राजा फ़तेह शाह और
उनके बीच एक दोस्ती का रिश्ता तेयार करदे | इस वजह से गुरु गोबिंद सिंह जी पोंटा की पावन
धरती पर अपने कदम रखते है Paonta sahib Gurudwara History Hindi

Paonta Sahib Gurudwara History Hindi
गुरुद्वारा पोंटा साहिब और साथ मे बहती यमुना नदी 

Paonta Sahib Gurudwara Story In Hindi, Paonta Sahib in Hindi

गुरु गोबिंद सिंह जी ओक्टुबर 1684 मे नहान(उस समय सिरमोर की राजधानी का नाम
नहान हुआ करता था )के लिए चलते है गुरु गोबिंद सिंह जी आनदपुर से कीरतपुर, रोपड़ ,
मनीमाजरा ,रामगढ ,आदि जगहों से होते हुए नहान पहुचे , गुरूजी सन 1685 के शुरू मे पोंटा पहुचे थे ,

उनके साथ 500 सिंघो का एक पूरा जथा था जो उनके साथ ही आया था | पोंटा पहुचकर उन्होंने दोनों राजाओ के आपसी
मदभेद खत्म करवाए और राजा फ़तेह शाह ने सिरमोर की जो जमीन पर कब्ज़ा किया हुआ था
उस जमीन को भी राजा मेदनी प्रकाश को वापिस कर दिया | Paonta sahib Gurudwara History Hindi

पोंटा एक बहुत ही सुन्दर जगह है पर उस समय आज से भी ज्यादा सुन्दर थी वहा का शांत वातावरण
और हरयाली गुरु गोबिंद सिंह जी को मोह गयी जिस वजह से उन्होंने कुछ समय वही रुकने का फैसला
किया , गुरु जी ने यहाँ पर 1685 मे ही कुछ मकान बनवाए और बाद मे उन्हें एक किले का रूप दे दिया |

Paonta Sahib Gurudwara History Hindi
श्री दरबार साहिब जी 

Gurudwara Paonta Sahib Ki Kahani, Paonta Sahib Gurudwara History Hindi

गुरु जी यहाँ पर धरम का प्रचार गुरमत ज्ञान बाटने लगे अब हर रोज इस जगह पर पाठ हुआ
करता था और संगत दूर दूर से यहाँ पहुच कर गुरु जी के दर्शन करने आया करती थी ,
गुरु गोबिंद सिंह जी इस जगह पर कवी समेलन भी करवाया करते थे जिसमे बड़े बड़े कवी
यहाँ आकर अपनी भक्ति का रस कवितायों के माध्यम से लोगो तक पहुचाते थे |

गुरु जी ने यहाँ आस पास के कई गाव को बसाया जिस जगह पर जंगली जानवरों का खतरा था
या जहा पर जंगली जानवर शेर बाघ घरो मे आ जाया करते थे वहा पहुच कर उनका शिकार भी
किया और लोगो को उन जंगली जानवरों के प्रभाव से मुक्ति दिलाई , गुरु जी ने अपने जीवन के
बहुमूल्य चार साल 6 महीने यहाँ बिताये और इस शांत जगह पर रहकर इश्वर को याद किया उनकी
भक्ति की और साथ साथ लोगो को भी ईश्वर से जोड़ा |

Paonta Sahib Gurudwara History Hindi
Paonta Sahib Gurudwara History Hindi
पोंटा साहिब नाम कैसे और क्यों पड़ा ( Paonta Sahib Ka Naam Paonta Kaise Pada )

गुरु गोबिंद सिंह जी के चरण इस धरती पर पड़ने की वजह से इस पावन धरती को पाँव टिका
कहा जाने लगा पाँव टिका का अर्थ है जहा पाँव टिक जाये क्योकि गुरु गोबिंद सिंह जी के पाँव
इस जगह पर टिक गए थे , इस जगह को
पाँव +टिके कहा जाने लगा और फिर धीरे धीरे पाँव +टिके पओंटा  ( पोंटा साहिब ) मे तब्दील हो गया~Paonta sahib Gurudwara History Hindi

यह भी पढ़े

प्यारे दोस्तों अगर आप  किसी भी गुरु जी की तस्वीर खरीदना चाहते है तो आप यहाँ नीचे  दिए इस लिंक से भी उनकी तस्वीरे  खरीद सकते है  क्योकि आपकी इस खरीद का कुछ % हिस्सा गुरु घर की सेवा मे ही जायेगा | धन्यवाद

    

दोस्तों इस पोस्ट मे मैंने हिमाचल मे स्थित  Paonta sahib Gurudwara History Hindi मे बताई है अगर यह Gurudwara Paonta Sahib Ki Kahani आपको अच्छी लगी तो हमे कमेंट के माध्यम से जरुर बताये और आप किस गुरूद्वारे की कहानी चाहते है वो भी लिखे , इस पोस्ट को अपने दोस्तों परिवार वालो के साथ Whatsapp और Facebook पर शेयर जरुर करे धन्यवाद

Share
Loading...

About Singh Fact

सतश्रीअकाल दोस्तों मेरा नाम हरप्रीत सिंह है | सिंह फैक्ट डॉट काम मै आपका स्वागत है यहाँ पर आपको पढने के लिए मिलेगे रियल फैक्ट्स एंड स्टोरीज इन हिंदी मै और पंजाबी स्टेटस और शायरी , बस आप लोगो के प्यार और सपोर्ट की जरूरत है वह देते रहिये

View all posts by Singh Fact →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.