Moral Story In Hindi For Class 7 | जादुई डिब्बा और लकडहारा 

जादुई डिब्बा | Moral Story In Hindi For Class 7

Moral Story In Hindi For Class 7 – नमस्कार दोस्तों आपका स्वागत है सिंह फैक्ट डॉट काम की इस नयी पोस्ट मै इस पोस्ट मै आपको पढने के लिए मिलेगी Short Moral Story In Hindi for Class 7-8  हमे आशा है आपको यह कहानी पसंद आयेगी

दोस्तों जब जब इंसान का लालच बढ़ जाता है तो उसे हर बार पछताना पड़ता है आज की कहानी मै भी कुछ ऐसा ही हुआ जब एक औरत को अधिक लालच की वजह से बाद मै पछताना पड़ा – चलिए चलते है कहानी की तरफ  जादुई डिब्बा और लकडहारा  | Moral Story In Hindi For Class 7

जादुई डिब्बा और लकडहारा  | Moral Story In Hindi For Class 7

एक गाव मै एक लकडहारा अपनी पत्नी के साथ रहता था | वह बहुत गरीब था जिस वजह से उन्हें  दो समय का भोजन भी बहुत मुश्किल से हासिल होता था | लकडहारा रोज सुबह जल्दी उठ कर जंगल जाता और लकडिया काटकर उन्हें बाजार जाकर बेच आता इसी प्रकार उनका जीवन यापन चलता | लकड़हारे की पत्नी उसे हर रोज गरीबी के तंज कसा करती लकडहारे को हर रोज अपनी पत्नी से अपमानित होना पड़ता |

एक दिन लकडहारे ने अपनी पत्नी की बातो से दुखी होकर फैसला किया की आज वह तब तक अपने घर नहीं जायेगा जब तक वह बहुत सारा धन नहीं कमा लेता |  सुबह से दोपहर हो गयी आज बहुत अधिक मेहनत करने के कारण लकडहारा बहुत थक गया और एक पेड़ के नीचे बैठ थोडा विश्राम करने लगा | एक साधू महात्मा वहा से गुजर रहे थे वह भी उस पेड़ की छाया मै आकार लकड़हारे के पास बैठ गए |

महात्मा ने लकडहारे से पूछा तुम यहाँ क्या कर रहे हो ? लकडहारे ने जवाब दिया महात्मा जी मै हर रोज इस जंगल मै आता हु और यहाँ से लकडिया काट कर उन्हें बाजार मै बेचकर अपना जीवन यापन करता हु | पर लकडहारे के चहरे पर उदासी देख महात्मा ने फिर पूछा क्या तुम अपना जीवन यापन ठीक से कर पा रहे हो इस कार्य से ?

जादुई डिब्बा और लकडहारा  | Moral Story In Hindi For Class 7

जादुई डिब्बा और लकडहारा  | Moral Story In Hindi For Class 7
जादुई डिब्बा और लकडहारा  | Moral Story In Hindi For Class 7

लकडहारा रोने लगा और कहने लगा नहीं मै बहुत दुखी हु मेरी पत्नी हमेशा मुझे इस बात के लिए तंज मरती रहती है मै ना तो उसका पेट सही से भर पाता हु ना ही अपना – यह बात सुन कर महात्मा बोले बेटा मै तुम्हारी मदद कर सकता हु पर एक बात का ध्यान रखना कभी लालच मत करना | महत्मा ने अपने पास राखी पोटली मै हाथ मारा और अन्दर से एक छोटा सा डिब्बा बहार निकल लिया , वह एक छोटा सा डिब्बा था जो चारो तरफ से बंद था पर उसके ऊपर एक छेद था |

लकडहारे ने बड़ी हैरानी के साथ उस डिब्बे की तरफ देखा और महात्मा से पूछा यह क्या है ? महात्मा ने जवाब देते हुए कहा यह एक जादुई डिब्बा है जब तुम इस डिब्बे को 5 बार हिलाओगे तो इसके अन्दर से एक सोने का सिक्का निकलेगा | लकडहारे ने महात्मा के सामने ही उस डिब्बे को 5 बार हिलाया और वह देख कर हैरान हो गया उस छेद से एक सोने का सिक्का बहार आ गया |

लकडहारा बहुत अधिक प्रसन्न हुआ और महात्मा का धन्यवाद किया , अब लकडहारा खुशी ख़ुशी अपने घर आ गया और साथ मै आते वक्त बहुत सारा घर का और खाने का समान साथ लेकर आया उसकी पत्नी यह सब देखकर बहुत हैरान हुई कल तक जिस घर मै अन्न का एक दाना नहीं था आज वहा पर्याप्त मात्रा मै भोजन और जरुरी सामान था |

दोनों ने भरपेट भोजन किया और फिर लकडहारे ने सारी बात अपनी पत्नी को बताई , कुछ दिन तक सब ठीक चलता रहा लकडहारा जरूरत पड़ने पर डिब्बे को 5 बार हिलाता और अन्दर से निकलने वाले सोने के सिक्के के साथ जरुरी सामान लेकर घर आ जाता अब उसने लड़की काटने वाला कार्य बंद कर दिया था |

एक दिन जब लकडहारा घर से बाहर जब किसी काम के लिए गया था तब उसकी पत्नी ने सोचा आज वह बहुत सारे सोने के सिक्के निकाल कर उस सोने से अपने लिए कीमती सोने का हार बनवाएगी | उसने कई सिक्के निकाल लिए पर उसका मन अभी भी शांत नहीं हुआ क्योकि उसके मन मै अब लालच आ गया था |

उसने सोचा क्यों ना मै एस डिब्बे को तोड़कर सारे सिक्के एक साथ बहार निकाल लू कब तक मै यु ही एक एक सिक्का बाहर निकालती रहूंगी | लकडहारे की पत्नी ने एक बड़े पत्थर से उस डिब्बे पर वार किया और डिब्बे को तोड़ दिया | डिब्बा टूटने के बाद वह देखती है की डिब्बा पूरी तरह से खाली है|

डिब्बे के अन्दर कोई सोने का सिक्का नहीं है और जो सोने के सिक्के उसने थोड़ी देर पहले डिब्बे से बाहर निकाले है वह भी अब मिटटी के बन चुक्के है | रोने लगी लकडहारे की पत्नी फुट फुट कर रोने लगी यह मेने क्या कर दिया ज्यदा सोने के लालच मै मैंने वह सोना भी गवा दिया जो पहले निकाला था |

लकडहारा जब घर आकर यह सब देखता है तो वह अपनी पत्नी पर बहुत जोर से चिललाता है यह तुमने क्या किया कितनी मुश्किल से भगवान ने हमारे घर खुस्सिया भेजी थी पर तुमाहरे लालच ने सब तबाह कर दिया दोनों बैठकर गहरा शोक मना रहे होते है |इसके अलावा अब वह कुछ कर भी नहीं सकते थे

कहानी से सीख – दोस्तों कहानी पढ़ कर आप समज ही गए होगे की इस कहानी से क्या सीख मिलती है अगर आप अभी तक नहीं समझे तो मै हु ना समझाने के लिए – इस कहानी से यही सीख मिलती है की भगवान ने जितना दिया है उसी मै खुस्श रहना सीखो , ज्यदा लालच करोगे तो वह भी गवा दोगे जो इस समय तुम्हारे पास है ,

हम बचपन से सुनते और पढ़ते आ रहे है की लालच बुरी बला है इसका नतीजा भी हमेशा बुरा ही होता है इसलिए कभी लालच ना करे , अगर आपके पास जरूरत से ज्यादा है तो उस धन से लोगो की गरीबो की मदद करे |नेक काम करे जिससे किसी का भला हो सके – सिंह फैक्ट

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