Moral Stories For Children’s Hindi | भिखारी बना व्यापारी | 2019 Hindi Moral Story

Moral Stories For Children's Hindi

Moral Stories For Children’s Hindi – नमस्कार दोस्तों आपका स्वागत है सिंह फैक्ट डॉट काम की इस नयी Kahani  मै आपको पढने के लिए मिलेगीएक नयी Moral Stories For Children’s Hindi मै  हमे आशा है आपको यह कहानी पसंद आयेगी –

दोस्तों इंसान चाहे तो वह सब कुछ कर सकता है जो वह सोच सकता है जब व्यक्ति को  अपनी शक्तियों का ज्ञान हो जाता है तो वही व्यक्ति शक्तिशाली और महान बन जाता है आज की कहानी मै कुछ ऐसा ही हुआ जिसमे एक भिखारी को जब ज्ञान हुआ की वह भिखारी नहीं बल्कि एक व्यापारी है तो उसने अपना भाग्य खुद लिखा और एक बहुत बड़ा व्यापारी बन गया |

अब वह भिखारी से  व्यापारी कैसे बना और इस कार्य मै उसकी मदद किसने की यह सब जानने के लिए चलते है स्टोरी की तरफ – भिखारी बना व्यापारी | Moral Stories For Children’s Hindi

भिखारी बना व्यापारी | Moral Stories For Children’s Hindi

एक रेलवे स्टेशन पर एक लड़का हमेशा भीख माँगा करता था क्योकि छोटी ही उम्र मै उसके माता पिता की म्रत्यु हो गयी थी वह अनाथ था तो उसे खुद के खाने के लिए भीख मंगनी पड़ती थी पर थोडा बड़ा होने पर यह बात उसके दिल और दिमाग मै इस तरह बैठ गयी थी की अब उसे हमेशा यही लगता था की वह भिखारी ही है वह बस भीख मांग कर ही अपना जीवन यापन कर सकता है |

वह हर रोज की तरह आज भी ट्रेन पर चढ़ा और अन्दर बैठे हर यात्री से भीख मांगने लगा | कोई उसे भीख देता को कोई उसे गाली देता और कोई खोटी खरी सुनाता | ट्रेन के अन्दर एक व्यापारी बैठा था जो काफी धनी व्यक्ति था वह यह सब देख रहा था जब वह भिखारी लड़का उस धनी व्यक्ति के पास पंहुचा और उससे भीख मांगी तो उस व्यक्ति ने कहा – मै तुम्हे भीख क्यों दू ? मै एक व्यापारी हु मै हमेशा वही सोदा करता हु जिसमे मेरा भी कुछ लाभ हो , अगर तुम मुझे इस भीख के बदले कुछ दे सकते हो तो मै तुमे कुछ पेसे भीख मै जरुर दूंगा |

भिखारी लड़के ने कहा साहब मै आपको क्या दे सकता हु मै तो एक भिखारी हु ना मेरे पास देने के लिए कुछ नहीं है |

धनी व्यापारी बोला अगर तुम लोगो को भीख के बदले कुछ देना शुरू कर दोगे तो लोग तुम्हे धन तो देगे ही और कोई तुम्हे गाली नहीं देगा ना ही तुमसे कोई बुरा व्यवहार करेगा |

धनी व्यापारी ने भिखारी को कोई धन नहीं दिया और अगले स्टेशन पर वह व्यापारी उतर गया |

वह भिखारी  लड़का सारा दिन उसी व्यापारी की कही बात के बारे मै सोचता रहा की वह कैसे किसी को कुछ दे सकता है और दे भी क्या वह तो खुद भिखारी है | सुबह से शाम हो चली थी पर उस भिखारी लड़के को अभी भी कोई सुझाव नहीं मिला था | पर अचानक उसकी नजर एक छोटे बच्चे पर पड़ी जो लोगो को फूल बेच रहा था |

भिखारी बना व्यापारी | New Moral Stories For Children’s Hindi

Moral Stories For Children's Hindi
भिखारी बना व्यापारी | Moral Stories For Children’s Hindi

भिखारी लड़के के दिमाग मै यह सुझाव  आया की क्यों ना मै भी लोगो को भीख के बदले फुल दिया करू | स्टेशन के पीछे की तरफ एक फूलो का बगीचा था जहा अनेको तरह के फुल लगे रहते थे | अब वह भिखारी लड़का हर रोज वहा से फुल तोड़ता और हर व्यक्ति को भीख के बदले एक फुल दे देता लोग उसके द्वारा दिए हुए फुल की सुंगंध लेकर बहुत अधिक अच्छा महसूस करते |

जब तक वह लोगो को भीख के बदले फुल देता तो उसे बहुत अधिक धन मिलता और कोई उसे बुरा भला भी नहीं कहता लेकिन जब उसके द्वारा तोड़े गए सारे फुल खतम हो जाते तो अब उसे भीख मिलना बंद हो जाती और कई लोग तो उसे गाली भी देते |

कुछ दिनों तक ऐसा ही चलता रहा और अब वह भिखारी यह बात अच्छे से समझ गया था की जब तक वह लोगो को भीख के बदले फुल देगा उसे अच्छी भीख मिलती रहेगी | एक दिन जब वह ट्रेन मै लोगो से भीख मांग रहा था तो उसे वह व्यापारी व्यक्ति  फिर से दिखाई दिया जिसने उसे यह सुझाव दिया था |

वह लड़का उस व्यापारी के पास गया और उससे भीख मांगी और कहा आज मै आपको भीख के बदले यह खुबसूरत फुल दूंगा | उस व्यापारी व्यक्ति ने उस लड़के को कुछ धन  दिया और कहा अब तुम भिखारी नहीं रहे अब तुम भी मेरी तरह व्यापारी बन गए हो क्योकि तुम लोगो को भीख के बदले यह फुल बेच रहे हो | और फिर वह व्यक्ति अगले स्टेशन पर ट्रेन से नीचे उतर गया |

आज फिर उस व्यक्ति की बात ने भिखारी लड़के को अन्दर से हिला दिया था ,लड़का सोचने लगा क्या मै सच मै व्यापारी बन गया हु ?

हाँ मै सच मै व्यापारी बन गया हु मेने बेचने की कला सीख ली है मै फुल बेच सकता हु मै भिखारी नहीं हु मै व्यापारी हु मै व्यापारी हु और जोर जोर से चिलाते हुए वह लड़का ट्रेन से नीचे उतर गया|और जोर जोर से चिलाने लगा अब मै भीख नहीं मांगूगा मै व्यापारी बन गया हु व्यापार करूँगा | सब लोग बोलने लगे यह भिखारी तो पागल हो गया है और उसका मजाक बनाने लगे

दोस्तों यहाँ पर मै कहानी को रोक कर एक बात कहना चाहूँगा क्योकि मुझे लगता है यह सही समय है उस बात को कहने का –

जिस समय लोग तुम्हे पागल समझने लगे या पागल कहने लगे तो समज लो तुम बिलकुल सही रास्ते पर जा रहे हो क्योकि लोग उन्हें पागल ही समझते है जो कुछ अलग और कुछ नया करने की कोशिश करते है – संदीप महेश्वरी यह बात इसके द्वारा की गयी है |

कहानी की और चलते है  –

एक साल बाद 

आज फिर दो व्यक्ति ट्रेन मै आमने सामने बैठे है जिनमे से एक वह व्यापारी व्यक्ति है जिसने भिखारी लड़के को भीख के बदले कुछ देने का सुझाव दिया था दूसरा भी महंगे कपडे सूट बूट पहना बहुत धनी व्यक्ति लग रहा है दुसरे व्यक्ति ने पहले व्यापारी व्यक्ति को बोला क्या आपने मुझे पहचाना ?

व्यापारी व्यक्ति ने कहा  – नहीं मैंने आपको नहीं पहचाना क्या हम पहले कभी मिले है

सामने बेठे धनी व्यक्ति ने कहा – हाँ यह हमारी तीसरी मुलाकात है |

व्यापारी व्यक्ति ने कहा – ऐसा कैसे हो सकता है मैंने आपको अभी तक नहीं पहचाना

सामने बेठे धनी व्यक्ति ने कहा – मै जो आज हु सिर्फ आपकी वजह से ही हु क्योकि आपने ही मुझे यह एहसास दिलाया था की मै सिर्फ भिखारी नहीं हु मै व्यापारी भी हु , मै वही भिखारी हु जिसे आपने  पहली मुलाकात मै भीख के बदले कुछ देने की सलाह दी थी ,और दूसरी मुलाकात मै जब मैंने आपको भीख देने के बदले फुल दिए थे तो आपने मुझे यह एहसास दिलाया की मै अब व्यापारी बन गया हु |

अब मै फूलो का व्यापार करता हु और इसी सिलसिले मै दुसरे शहर जा रहा हु| अब मै भी एक धनी व्यक्ति बन गया हु आपने मुझे भिखारी से व्यापारी बना दिया है |

व्यापारी व्यक्ति ने कहा – मुझे यह सब सुनकर और तुम्हे इस तरह देख कर बहुत खुशी हुई | मैंने कुछ नहीं किया बस मैंने तुमे एहसास दिलाया की तुम वह हर काम कर सकते हो जो दुनिया का हर व्यक्ति कर रहा है | दोनों ने एक दुसरे से हाथ मिलाया और हाथ मिलाते मिलाते

व्यापारी व्यक्ति ने कहा – मेरे साथ मिलकर वयापार करना चाहोगे वह लड़का जो भिखारी से व्यापारी बना था उसने मुस्कराते हुए कहा क्यों नहीं –

दोस्तों आपको यह भिखारी बना व्यापारी | Moral Stories For Children’s Hindi की कहानी  कैसी लगी   हमे कमेंट करके बताये और हमारे फेसबुक पेज को यहाँ से Like कर हमे सुपोर्ट करे और इस पोस्ट को Facebook  Whatsapp  InstagramTwitter पर शेयर जरुर करे  -धन्यवाद और सतश्रीअकाल

इन्हें भी देखे

 

Share

About Singh Fact

सतश्रीअकाल दोस्तों मेरा नाम हरप्रीत सिंह है | सिंह फैक्ट डॉट काम मै आपका स्वागत है यहाँ पर आपको पढने के लिए मिलेगे रियल फैक्ट्स एंड स्टोरीज इन हिंदी मै और पंजाबी स्टेटस और शायरी , बस आप लोगो के प्यार और सपोर्ट की जरूरत है वह देते रहिये

View all posts by Singh Fact →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.