Harmandir Sahib History Hindi

Harmandir Sahib History Hindi – दोस्तों आज इस पोस्ट मे हम आपको Harmandir Sahib story In Hindi हरमंदिर साहिब जी के बारे मे जानकारी देंगे और (Golden Temple Harmandir Sahib ka Itihas)इस पवित्र जगह का इतिहास भी बतायेगे और यह भी बयायेगे की यह पवित्र गुरुद्वारा कब बना किसने बनवाया Harmandir sahib Kab Bana Or Kisne Banaya और इस पवित्र स्थान पर कब कब हमले हुए( Golden Temple Attacks In Hindi ) और किसने किये यह सारी जानकारी आपको इस पोस्ट मे मिल जाएगी तो दोस्तों आर्टिकल को पूरा पढ़िए

Harmandir Sahib History Hindi, Golden Temple (Harmandir Sahib ) ka Itihas

Harmandir Sahib History Hindi
गुरुद्वारा हरमंदिर साहिब 

हरमंदिर साहिब जिसे दरबार साहिब( Darbar Sahib) और गोल्डन टेम्पल ( Golden Temple) के नाम से भी जाना जाता है
हरमंदिर साहिब सिक्खों का मुख्य धार्मिक स्थान है जो अमृतसर शहर मे है 1570 मे
सिखो के चोथे गुरु नानक श्री गुरु राम दास जी ने सिखो के लिए एक पावन सरोवर और
एक गुरुद्वारा बनाने का फैसला किया उस समय इस शहर का नाम ”गुरु दा चक” था

गुरु राम दास जी ने इस शहर मे आकर अपना निवास स्थान बनाया और इस पवित्र जगह
पर सरोवर( कुंड) के लिए खुदाई शुरू की और तभी इस जगह का नाम अमृतसर सरोवर पड़ गया
सिखो के 5 वे गुरु नानक गुरु अर्जन देव जी ने उससे आगे की बागडोर अपने हाथ मे संभाली
और इस जगह का नक्शा (मैप ) खुद अपने हाथो से तेयार किया और दरबार साहिब जी को अमृत
सरोवर के बिलकुल बीच मे बनाने का फैसला किया | हरमंदिर साहिब की पहली ईट नीव एक
मुस्लिम संत (फ़कीर ) हजरत मिया मीर जी के हाथो रखी गयी

Harmandir Sahib History Hindi
Harmandir Sahib History Hindi

Harmandir Sahib History Hindi, (Golden Temple )

यह काम करने के लिए गुरु अर्जन देव जी ने कुछ सिखो को उनके घर भेजा था उन्हें यहाँ
लाने के लिए |नीव रखने के बाद से हरमंदिर साहिब का निर्माण कार्य जोरो शोरो से
चलने लगा | और इस काम की सारी जिमेदारी बाबा बुढा सिंह जी को सोपी गयी |
हरमंदिर साहिब के 4 दरवाजे रखे गए जो इस बात का प्रतीक है की यह जगह सबके लिए है और
इस पवित्र जगह पर कोई भी किसी भी दिशा से आ सकता है | किसी भी धर्म के लोग यहाँ पर आ सकते है
30 अगस्त 1604 मे हरमंदिर साहिब मे गुरु ग्रन्थ साहिब जी का पहला प्रकाश किया गया |

और बाबा बुढा जी को हरमंदिर साहिब जी के सबसे पहले ग्रंथि( यह एक पंजाबी वर्ड है जेसे
मंदिरों मे पुजारी होते है वेसे ही गुरुद्वारों मे ग्रंथि होते है ) की उपाधि दी गयी |
समय का चक्र चलता रहा पंजाब पर और पुरे देश पर मुगलों के हमले होते रहे और तभी यह
सब रोकने के लिए सिखो के 6वे नानक गुरु हरगोबिन्द सिंह जी ने हरमंदिर साहिब के बिलकुल
सामने अकाल तख़्त की रचना करवाई क्योकि अब समय आ चुक्का था की सिख गुरु भक्ति के
साथ साथ शक्ति का प्रदर्शन भी करे क्योकि मुगलों ने बहुत अधिक अत्याचार शुरू कर दिए थे

Harmandir Sahib History Hindi
गुरुद्वारा हरमंदिर साहिब जी का रात का एक द्रश्य 

Harmandir Sahib History Hindi, Golden Temple History In Hindi

और सिखो के 5 वे गुरु गुरु अर्जन देव जी को शहीद भी कर दिया गया था इसलिए इस जगह
पर बैठकर सिख कौम के लिए राजनितिक और युद्ध के फैसले लिए जाते थे
गुरु हरगोबिन्द साहिब जी ने इसी जगह पर दो तलवारे मीरी पीरी पहनकर सिखो को भक्ति के
साथ साथ शक्ति का उपयोग करने के लिए भी कहा , उन्होंने मीरी पीरी की दो तलवारे पहन कर
सिखो मे एक नयी उर्जा का संचार किया और अपने हक के लिए लड़ने और आवाज बुलंद
करने के लिए कहा |

हरमंदिर साहिब पर कब कब हमले हुए और किसने किये

Harmandir Sahib Par Kab Kab Hamle Hue Or Kisne Kiye

हरमंदिर साहिब पर कई बार हमले हुए है और इस पवित्र जगह को बचाने के लिए कई बार
सिखो ने यहाँ पर अपने खून को बहाया है

Harmandir Sahib History Hindi, Golden Temple Par Pehla Hamla First (Attack)

17 वी सदी मे अहमद शाह अब्दाली के एक जरनेल जहाँ खां ने हरमंदिर साहिब जी पर हमला
किया और हरमंदिर साहिब की इमारतो को भारी नुक्सान पहुचाया , सिखो ने बहुत बहादुरी से
युद्ध करते हुए हरमंदिर साहिब को जहाँ खां के हाथो से बचा लिया और वह युद्ध जीत लिया

Harmandir Sahib History Hindi, Golden Temple Par Dusra Hamla second(Attack)

1737 मे भाई मणि सिंह की शाहदत के बाद मस्सा रंगड़ ने हरमंदिर साहिब पर कब्ज़ा कर लिया
और वहा पर उलटे काम करने शुरू कर दिए नशा करना , लडकियों को नचाना इत्यादि सिख
हरमंदिर साहिब जी की इतनी बेअदबी बर्दाश नहीं कर पाए दो सिंह सुखा सिंह और महताब सिंह
ने अपनी जान की बाजी लगाते हुए मस्सा रंगड़ की गला काट कर हरमंदिर साहिब मे कत्ल
कर दीया और इस घटना के बाद हरमंदिर साहिब को सिखो ने फिर से अपने कब्जे मे ले लिया
और वहा पर पहले से ज्यादा सख्त पहरा लगा दिया और दरवाजो को ताला लगा दिया गया

Harmandir Sahib History Hindi, Golden Temple Par Teasra Hamla Third(Attack)

1746 मे एक बार फिर हमला हुआ इस बार हमला लाहौर के हिन्दू दीवान लखपत राय ने किया
उसने सिख कौम को खत्म कर देने का फरमान जारी किया , यह सब उसने अपने भाई जस्पत राय
की मौत का बदला लेने के लिए शुरू किया था | इस हमले मे एक बार फिरसे हरमंदिर साहिब
की इमारतो को भारी नुकसान पंहुचा यह युद्ध बहुत भारी हुआ इस युद्ध मे 7000 सिख शहीद
हो गए और करीब 3000 सिंघो को सड़क के बीच मे खड़ा कर पब्लिक के सामने मारा गया |
इस युद्ध को कल्लू कारा कहा जाता है और जिस जगह पर 3000 सिखो को शहीद किया गया
आजकल उस जगह को शहीदगंज के नाम से जाना जाता है

Harmandir Sahib History Hindi
गोल्डन टेम्पल 
Harmandir Sahib History Hindi, Golden Temple Par Chotha Hamla Forth(Attack)

1748 मे जस्सा सिंह आल्हुवालिया की अगुवाई मे सिखो ने हरमंदिर साहिब को फिर से प्राप्त
कर लिया और यहाँ पर वैशाखी का तेयोहार बड़ी धूम धाम से मनाया गया

Harmandir Sahib History Hindi, Golden Temple Par Pachva Hamla Fifth(Attack)

सन 1757 मे अहमद शाह अब्दाली ने फिर से हरमंदिर साहिब पर हमला कर दिया और
अमृतसर सरोवर को कीचड से भर दिया | बाबा दीप सिंह जी को जब इस बात की खबर मिली
तो वह फ़ौज लेकर युद्ध के लिए चल पड़े बहुत घमसान युद्ध हुआ बाबा दीप सिंह जा का सर
धड से अलग हो गया पर फिर वी वह लड़ते रहे और कटा हुआ सर एक हाथ मे उठाकर लड़ते
लड़ते अमृतसर पहुच गए और हरमंदिर साहिब जी की परिक्रमा मे पहुचकर उन्होंने अपने प्राण
त्यागे |अब्दाली का वह हमला नाकाम हो गया |

Harmandir Sahib History Hindi, Golden Temple Par 6 Hamla six (Attack)

1767 मे भारत को छोड़ने से पहले अहमद शाह अब्दाली ने फिर से हमला कर दिया पर इस
बार भी उसे मुह की खानी पड़ी और वह हरमंदिर साहिब के अन्दर प्रवेश नहीं कर पाया |

उसके बाद महाराजा रणजीत सिंह जी के समय मे हरमंदिर साहिब की शोभा मे चार चाँद
लग गए उन्होंने इमारतो को ठीक करने के साथ साथ हरमंदिर साहिब की ऊपर वाली ईमारत
को सोने से जड़वा दिया |

Harmandir Sahib History Hindi, Golden Temple Par Last Hamla Last(Attack) Opretion Blue Star

1984 मे एक बार फिर से हमला हुआ पर इस बार हमला इंडियन आर्मी का था जो की संत
जरनैल Bhindranwale को खत्म करने के लिए किया गया था पर इस हमले का अंजाम ये
हुआ की हजारो की तादाद मे निर्दोष सिख और हिन्दू मारे गए जो सिर्फ वहा माथा टेकने गए हुए थे |

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दोस्तों इस पोस्ट मे हमने आपको Harmandir Sahib History Hindi मे  बताई  और  Harmandir Sahib से  Judi Jankariya दी

अगर आपको यह पोस्ट और यह जानकारिया अच्छी लगी तो इस पोस्ट को अपने दोस्तों के साथ Whatsaap और Facebook पर शेयर जरुर करे ताकि सब लोग Swaran Mandir से जुडी इन History की  बातो को जान सके धन्यवाद

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सतश्रीअकाल दोस्तों मेरा नाम हरप्रीत सिंह है | सिंह फैक्ट डॉट काम मै आपका स्वागत है यहाँ पर आपको पढने के लिए मिलेगे रियल फैक्ट्स एंड स्टोरीज इन हिंदी मै और पंजाबी स्टेटस और शायरी , बस आप लोगो के प्यार और सपोर्ट की जरूरत है वह देते रहिये

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