Baba Harbhajan Singh Fauji Story In Hindi | एक शहीद फौजी जो आज भी ड्यूटी कर रहा है

baba harbhjan singh image pics__1552079479_223.176.221.147

Baba Harbhajan Singh Fauji Story In Hindi – दोस्तों इस पोस्ट मै आपको जानने के लिए मिलेगा Baba Harbhajan Singh जी के बारे मै जिनके बारे मै कहा जाता है की यह फौजी शहीद होने के बाद भी सरहद पर कर रहे है देश की सेवा जानते है दोस्तों क्या है यह पूरा किस्सा इस कहानी मै – Fauji Baba Harbhajan Singh Story

 

Baba Harbhjan Singh Fauji Story In Hindi | एक सैनिक जो शहीद होने के बाद भी आज भी सरहद पर कर रहा  है देश की सेवा

 

दोस्तों हमारे देश के सैनिक अपनी जान की परवाह किए बिना सीमा पर तैनात होकर हमेशा हमारे देश की रक्षा करते है , ताकि हम रोज रात सुकुनकी नींद सो सके और बिना किसी डर के अपना जीवन बिता सकें।

लेकिन दोस्तों क्या आपने कभी यह सोचा है कि कोई सैनिक जो शहीद हो चूका है फिर भी वह सैनिक अपने देश की रक्षा के लिए सीमा पर मुस्तैद हो कर अभी भी अपना कर्तव्य /ड्यूटी पूरी निष्ठा से निभा रहा हो।

हो सकता है आपको ये बात सुनने में थोड़ी अटपटी और बेतुकी जरूर लगे । पर यह बात सच है आज हम आपको अपनी इस कहानी मै भारतीय सेना के एक ऐसे वीर साहसी सैनिक की दास्तान बताने रहे हैं जो वास्तविक होकर भी अविश्वनीय सा प्रतीत होता है ।

एक शहीद सैनिक जो आज भी देश सेवा में तत्पर हैं – बाबा हरभजन सिंह फौजी

सिक्किम से सटी भारत-चीन सीमा पर एक ऐसे शहीद वीर जवान की कहानी जिसने अपने जीवन में पूरी निष्ठा के साथ देश की रक्षा की लेकिन मौत ( शहीद ) हो जाने के बाद आज भी उनकी आत्मा सरहद की सुरक्षा बड़े ही मुस्तैदी से कर रही है और सबसे जायदा हैरत करने वाली बात तो यह है कि इसके लिए उसे सैलरी ( तनख्वा ) भी मिलती है

उनका प्रमोशन भी होता है और दोस्तों इस शहीद सैनिक की याद में एक मंदिर का निर्माण भी करवाया गया है वह बाबा हरभजन सिंह जी का मंदिर लाखों लोगों की आस्था का केन्द्र बना हुआ है। कुछ लोगो को यह लग रहा होगा की यह कैसे हो सकता है उनको बताना चाहूँगा की इस बात की पुष्टि भारतीय सेना के कई जवान और चीन के सेना ने की है।

कौन थे फौजी बाबा हरभजन सिंह ? – Who is Baba Harbhajan Singh

 

baba harbhjan singh__1552079500_223.176.221.147
Baba Harbhajan Singh

इस रहस्यमयी सैनिक फौजी बाबा हरभजन सिंह का जन्म 30 अगस्त 1946 में पंजाब के सदराना गांव में हुआ था जो आज के समय मै पाकिस्तान में है।

बाबा हरभजन सिंह की जी की पढा़ई- लिखाई – Baba Harbhajan Singh Education

बाब हरभजन सिंह ने अपनी प्रारम्भिक शिक्षा गांव के ही एक स्कूल से पूरी की । मार्च, 1955 में बाबा हरभजन सिंह जी ने ‘डी.ए.वी. हाई स्कूल’, पट्टी से मेट्रिकुलेशन पूर्ण किया था।

रहस्यमयी फौजी बाबा हरभजन सिंह का भारतीय सेना में प्रवेश कब और कैसे हुआ

बाबा हरभजन सिंह 9 फरवरी 1966 को भारतीय सेना के पंजाब रेजिमेंट में सिपाही के पद पर भर्ती हुए थे और इसके बाद 1968 में वो 23वें पंजाब रेजिमेंट के साथ पूर्वी सिक्किम में तैनात रहे । सरदार हरभजन सिंह ने भारत-पाकिस्तान युद्ध में भी अपनी यूनिट के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया था।

ऐसे शहीद हुए थे कई वर्षो से देश की सेवा करने वाले सैनिक हरभजन सिंह – When did Baba Harbhajan Singh Martyr

ऐसा कहा जाता है की 4 अक्टूबर 1968 को जब सैनिक हरभजन सिंह खच्चरों का काफिला लेकर जा रहे थे। उसी दौरान उनका पूर्वी सिक्किम के नाथू ला के पास पैर फिसल गया और गहरी खाई में गिरने से उनकी मर्त्यु हो गई ।

जहा वह गिरे वहा खाड़ी थी | खाड़ी के पानी का बहाव इतना तेज था कि वह उनके शरीर को बहाकर उस जगह से काफी दूर ले गया।

सैनिक हरभजन सिंह का शव भारतीय सेना को कैसे मिला ? जब अपने दोस्त सैनिक के सपने में आए शहीद सैनिक हरभजन सिंह और दी अपने मृत शरीर की जानकारी

जब कुछ दिनों तक बाबा हरभजन सिंह अपने कैंप पर वापस लोट कर नहीं आये तो भारतीय सेना ने सैनिक हरभजन सिंह को भगौड़ा घोषित कर दिया । , पर उस दिन की रात ही बाबा हरभजन सिंह की आत्मा ने भारतीय सेना में अपनी दस्तक दी,

और अपने साथी सैनिक प्रीतम सिंह के सपने में आई सपने में आने के बाद सैनिक हरभजन सिंह ने अपने साथ हुई पूरी घटना की जानकारी सैनिक प्रीतम सिंह को दी और अपने मृत शरीर के स्थान की जानकारी भी अपने साथी सैनिक प्रीतम सिंह को सपने में दी थी ।

पर जब अगले दिन सैनिक प्रीतम सिंह ने अन्य सैनिकों को बाबा हरभजन सिंह की आत्मा के और उनकी मर्त्यु के बारे में बताया तो उसमें से कुछ सैनिकों ने यह बात सिरे से नकार दी जबकि कुछ सैनिकों ने सैनिक प्रीतम सिंह की बात पर भरोसा करते हुए उस जगह पर जाने का फैसला किया ।

जैसे ही सैनिक प्रीतम सिंह और बाकि के सैनिक उस जगह पर पहुंचे, तो उन लोगों को बाबा हरभजन सिंह का मृत शरीर उसी जगह और उसी अवस्था में मिला था जैसा की सैनिक हरभजन सिंह की आत्मा ने अपने साथी सैनिक प्रीतम सिंह के सपने में आकर बताया था जिसे देखकर उन सभी सैनिकों की पैरों तले जमीन खिसक गई सब हैरान रह गए ।

यही नहीं सैनिक हरभजन सिंह की आत्मा ने अपने साथी सैनिक प्रीतम सिंह के सपने में अपने एक पैर की हड्डी टूटे जाने की भी बात कही थी । वह बात भी 100 % सही साबित हुई। और जब पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आई तो यह साबित हो गया कि सैनिक हरभजन सिंह के दाएं पैर की हड्डी टूट चुकी है।

यह बात बिल्कुल अजीब थी की एक सैनिक जिसकी मर्त्यु हो चुकी हो और फिर उसकी आत्मा किसी दूसरे सैनिक के सपने में आकर अपने बारे में वह सब बताए जो उसके साथ बीता था , यह बात काफी हद तक अविश्वसनीय जरुर थी लेकिन बाबा हरभजन सिंह की हर एक बात सत्य साबित हुई।

शहीद फौजी ने सपने में प्रकट की समाधि बनाए जाने की इच्छा

बाबा हरभजन सिंह की आत्मा फिर से सैनिक प्रीतम सिंह के सपने में आई और उन्होनें सपने में आकर यह बोला कि आज भी वह अपने कार्य में लगे हुए हैं वह आज भी अपनी ड्यूटी पूरी ईमानदारी से निभा रहे हैं। फिर उन्होंने साथ ही साथ उनकी समाधि बनाए जाने की भी इच्छा प्रकट की।

शहीद सैनिक हरभजन सिंह की समाधि – Baba Harbhajan Singh Temple

बाबा हरभजन सिंह की इच्छा को मानते हुए एक समाधि बनवाई गई। भारतीय सेना ने साल 1982 में उबाबा हरभजन सिंह की समाधि को सिक्किम की राजधानी गंगटोक में जेलेप्ला दर्रे और नाथुला दर्रे के बीच में बनवाया।

लगभग 13 हजार फीट की ऊंचाई पर बने इस मंदिर बाबा से लाखों लोगों की आस्था आज भी जुड़ी हुई है। दूर-दूर से लोग सैनिक हरभजन सिंह के इस मंदिर में अपना मत्था टेकने आते हैं। इस मंदिर में बाबा हरभजन सिंह की एक फोटो और उनके जूते और बाकी सामान आज भी रखा हुआ है।

बाबा हरभजन सिंह मंदिर से जुडी मान्यता – Baba Harbhajan Singh Mandir

बाबा हरभजन सिंह की समाधि के बारे में मान्यता है कि यहां पर अगर किसी पानी की बोतल को 21 दिनों तक रखा जाये तो फिर उस पानी में ऐसे अदभुद चमत्कारी गुण उत्पन्न हो जाते हैं। जिसे पि कर किसी भी गंभीर से गंभीर बीमारी से छुटकारा पाया जा सकता है।

बाबा हरभजन सिंह के साथ भारतीय सेना और चीन की सेना के जवानों के अनुभव

बाबा हरभजन सिंह के इस मंदिर की चौकीदारी भारतीय सेना के जवान करते हैं। और हर रोज उनके जूते की पॉलिश करते हैं उनकी वर्दी साफ करते हैं और उनका बिस्तर भी वह ही लगाते हैं । वहां तैनात जवानों के मुताबिक साफ किए हुए जूतों पर हर रोज कीचड़ लगी होती है वह ऐसा मानते है की यह शहीद सैनिक हर रोज गस्त मारने आज भी जाता है और हर रोज उनके बिस्तर पर सिलवटें भी देखी जाती हैं।

सरहद पर सैनिक हरभजन सिंह की मौजदगी पर अपने देश के जवानों को तो भरोसा है ही, इसके साथ ही चीन के सैनिक भी इस बात को मानते हैं और खौफ खाते हैं कि बाबा सरहद की रखवाली करते हैं।

ऐसा कहा जाता हैं कि मर्त्यु के बाद बाबा हरभजन सिंह नाथुला के आस-पास चीन सेना की गतिविधियों की पूरी जानकारी अपने साथियों को सपने में आकर देते रहते हैं, जो कि हमेसा सही साबित होती है।

चीनी सैनिकों ने भी बाबा की आत्मा को कई बार एक सफेद घोड़े पर सवार होकर बॉर्डर पर गश्त करते हुए पाया था। जब यह बात हद से ज्यादा बढ़ने लगी तो चीन के सैनिकों ने भारतीय सैनिकों से इस बारे में पूछ ताश की थी।

जिसके बाद भारतीय जवानों ने कहा था कि उस वक्त बॉर्डर पर हमारा कोई भी सैनिक पहरा नहीं देता है लेकिन अगले ही रात बाबा हरभजन सिंह की आत्मा ने अपने साथियों को सपने में बताया कि उनकी आत्मा ही घोड़े पर बैठकर भारतीय सीमा की सुरक्षा आज भी करती है।

भारतीय सेना में पेरोल पर रखा गया शहीद सैनिक हरभजन सिंह

बाबा हरभजन सिंह की मौत के बाद भी उन्हें एक सैनिक की तरह भारतीय सेना की सेवा में रखा गया है । और वह आज भी सेना में अपना कर्तव्य पूरी निष्ठा से निभा रहे हैं। और आपको जानकर हैरानी होगी की सेना के नियमों के अनुसार उनका प्रमोशन भी होता है।

 

दोस्तों आपको यह Baba Harbhjan Singh Fauji Story In Hindi की जानकारी   कैसी लगी   हमे कमेंट करके बताये और हमारे फेसबुक पेज को यहाँ सेLike कर हमे सुपोर्ट करे और इस पोस्ट को FacebookWhatsapp  InstagramTwitter पर शेयर जरुर करे  -धन्यवाद और सतश्रीअकाल

 

इन्हें भी पढ़े

Share

About Singh Fact

सतश्रीअकाल दोस्तों मेरा नाम हरप्रीत सिंह है | सिंह फैक्ट डॉट काम मै आपका स्वागत है यहाँ पर आपको पढने के लिए मिलेगे रियल फैक्ट्स एंड स्टोरीज इन हिंदी मै और पंजाबी स्टेटस और शायरी , बस आप लोगो के प्यार और सपोर्ट की जरूरत है वह देते रहिये

View all posts by Singh Fact →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.