Panja sahib story In Hindi

Panja sahib story In Hindi :- दोस्तों इस कहानी मे आपको जाने के लिए मिलेगा की  (Baba Wali kandhari Kon The)बाबा वली कंधारी कोन थे
और Panja Sahib Gurudware ka Nirmaan kaise Hua Kisne Banvaya और वहा पर गुरु नानक देव जी ने
क्या चमत्कार दिखाया था  दोस्तों

सबसे पहले आप यह जान लीजिये की Baba Wali kandhari Kon The

Baba Wali Qandhari in Hindi

बाबा वली कंधारी एक सूफी संत (पीर )थे जो भागवान की आराधना मे लीन रहते थे

उनका जन्म 1476 मे कंधार अफगानिस्थान मे हुआ था और 1498 मे वह हसन अब्दाल

रावल पिंडी पाकिस्तान मे रहने आ गए थे|
वह हसन अब्दाल मे रहकर अपना जीवन यापन करते थे | और वह एक पहाड़ी की चोटी पर

रहते थे जहा पर उनके पास एक पानी का चश्मा ( एक तरह का छोटा सा झरना ) था | जहा अक्सर

वह लोग पानी पीने आ जाया करते थे | जो उस रास्ते से गुजरा करते थे |

baba wali kandhari dargah
बाबा वली कंधारी जी की दरगाह का एक द्रश्य 
उनकी यह दरगाह पाकिस्तान मे है
Shrine of Hazrat Baba Wali Qandhari
Shrine of Hazrat Baba Wali Qandhari

दोस्तों यह तो था बाबा वली कंधारी के बारे मे छोटा सा एक नोट Baba Wali Qandhari History in Hindi

अब हम आगे की कहानी की तरफ बढ़ते है|

Punja Sahib Story In Hindi

गुरु नानक देव जी ने वली कंधारी का अहंकार कैसे तोडा था और वहा पर Punja Sahib गुरुद्वारे का निर्माण आगे चल कर कैसे हुआ

गुरु नानक देव जी ऑर पंजा साहिब की कहानी

Panja sahib story In Hindi -गुरु नानक देव जी अपने साथी और संगीतकारों, बाला

और मर्दाना के साथ हर जगह पैदल यात्रा करते थे। जब वह हज की यात्रा से वापिस आये

तो वह हसन अब्दाल भी गए काफी चलने के बाद वह उस पहाड़ी के नीचे विश्राम करने लगे

जहा बाबा वली कंधारी जी रहते थे|
मरदाना जी बहुत प्यास लगी थी तो उन्होंने गुरु नानक देव जी से कहा की गुरूजी बहुत प्यास

लगी है यहाँ पर पानी कहा मिलेगा । तब गुरु जी ने कहा भाई मरदाना जी जिस पहाड़ी के नीचे

हम बेठे है इसके ऊपर एक वली कंधारी नाम के पीर बाबा जी रहते है आप उनसे पानी ले

आईये अगर वह दे दे तो गुरु का हुक्म पाकर मरदाना जी ने वैसा ही किया और पहाड़ी की

चोटी की तरफ चल दिए(Panja sahib story In Hindi)

Panja sahib History In Hindi

मरदाना  जी जब ऊपर पहुच जाते है तो वह उस बाबा वली जी से कहते है की संत जी हमे

पिने के लिए पानी चाइये क्रपया हमे थोडा पानी दे | बाबा वली जी आगे से कहते है की यह

चश्मे का पानी मैंने अपने लिए रखा हुआ है राहगीर को बाटने के लिए नहीं अगर ऐसे ही मे

सबको पानी बाटता रहा तो यह पानी खत्म हो जायेगा |

तो मर्दाना जी उस पहाड़ी के पास वापस आये जहा गुरु जी विराज मान थे और उन्होंने  गुरु

जी से सारा वाकया बताया । गुरु जी ने मरदाना जी को फिर से जाने के लिए कहा और बोला

इस बार आप  भगवान के नाम पर पानी मांगना , मर्दाना जी ने ठीक उसी तरह से किया

और फिर से बाबा वली जी ने इंकार कर दिया। और कहा की अगर तुम्हे और तुम्हरे गुरु

जी को इतनी प्यास लगी है तो वह खुद क्यों नहीं पानी पैदा कर सकते है क्या तुमारे गुरु मे

इतनी शक्ति नहीं है ? यह बात सुनकर मरदाना जी फिर नीचे आ जाते है और सारा वाकया

गुरु जी को बताते ह

Panja sahib story In Hindi

तब गुरु नानक देव जी ने कहा जिस खुदा ने हम सबको बनाया है वह  भगवान हमेशा

सबकी  देखभाल खुद ही करते हैं। और खुदा की बनायीं हुई चीजों पर अंहकार नहीं करना

चाइये इस पानी को भी खुदा ने ही बनाया “और आज वही हमे पानी पिलायेगे

गुरु नानक देव जी ने एक छोटी छड़ी ली और उसे जमीन में एक ठोकर मारी । और एक

अद्भुत चमत्कार हुआ:  वहा से शुद्ध, स्पष्ट, ताज़ा पानी का एक झरना फुट पड़ा ।मर्दाना

जी और गुरु जी ने उस  झरने का पानी पिया इतने मे कुछ  गाँव के लोगो की नजर उस नए

(Panja sahib story In Hindi)

फूटे झरने पर पड़ी तो वह गुरु जी के पास पहुच कर उनसे उस झरने से पानी लेने का

आग्रह करते है और साथ ही साथ उनके इस चमत्कार को प्रणाम भी करते है |(Panja sahib story In Hindi)

गुरु जी कहते है की यह पानी आप लोगो के लिए ही है आप इससे जब चाहे तब पानी

ले सकते है बाबा वली पहाड़ी की चोटी पर से बेठा यह सब देख रहा था और उन्होंने देखा की उनके झरने

का पानी सूखता जा रहा था और वही पानी चश्मा नीचे फुट गया है और देखते ही देखते

बाबा वली कंधारी जी के चश्मे का पूरा पानी सुख गया यह सब देख वह बहुत क्रोधित हो उठे ।

और अब उन्होंने गुरु नानक देव जी तो खत्म करने के लिए पहाड़ी पर रखे एक बहुत बड़े बोल्डर ( पत्थर )

को नीचे की तरफ धकेल दिया , वह विशाल बोल्डर बहुत तेज गति से नीचे आ रहा था

जहा गुरु नानक देव जी बेठे थे आस पास के सब लोग वहा से थोड़ी दूर भाग गए पर

जेसे ही वह भारी बोल्डर गुरु नानक देव जी के पास पंहुचा उन्होंने अपने हाथ के पंजे

से उस बोल्डर को वही रोक दिया | जिसकी वजह से उनके हाथ के पंजे के निशान उस बोल्डर

पर पड़ गए जिन्हें आज भी देखा जा सकता है

punja sahib story in hindi
Punja Sahib Story In Hindi

बाबा वली कंधारी जी समज गए की इतना विशाल का्य बोल्डर कोई आम इंसान अपने

हाथो से नहीं रोक सकता था उन्हें यह ज्ञात हो गया था वह नीचे आकर

गुरु नानक देव जी से अपनी इस हरकत के लिए माफ़ी मांगते है है और उनका धन्यवाद

करते है की उन्होंने अहंकार को तोड़ कर ज्ञान का पाठ पढाया(Panja sahib story In Hindi)

तब गुरु नानक देव जी कहते है की उस खुदा ने ही हम सबको बनाया है उसी खुदा ने यह प्रक्रति पानी हवा सब बनाया है यह किसी एक व्यक्ति का नहीं है और खुदा की बनायीं हुई इन चीजों पर अंहकार करना एक बहुत बड़ी मुर्खता है

Panja Sahib Gurudwara Ka Nirman

punja sahib gurudwara
Punja Sahib Gurudwara

Panja sahib story In Hindi

उस पवित्र जगह पर जहा गुरु नानक देव जी ने चमत्कार कर जन मानस को एक बहुत अच्छा संदेश दिया था

उस पवित्र जगह को पंजा साहिब का नामकरण और गुरूद्वारे का निर्माण जरनैल हरी सिंह नलवा जी ने किया था

जिन्हें शेर मार भी कहा जाता था अगर आपने उनकी Storyनहीं पढ़ी है तो नीचे दिए लिंक पर क्लिक करके पढ़ सकते है

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सतश्रीअकाल दोस्तों मेरा नाम हरप्रीत सिंह है | सिंह फैक्ट डॉट काम मै आपका स्वागत है यहाँ पर आपको पढने के लिए मिलेगे रियल फैक्ट्स एंड स्टोरीज इन हिंदी मै और पंजाबी स्टेटस और शायरी , बस आप लोगो के प्यार और सपोर्ट की जरूरत है वह देते रहिये

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