Napoleon Bonaparte

 नपोलियन बोनापार्ट की एक कहानी -Napoleon Bonaparte Ki Hindi Mai Story

Napoleon Bonaparte story in Hindi-नेपोलियन बोनापार्ट एक फ्रेंच राजनेता और सैन्य नेता था जिसका माना था की असंभव शब्द सिर्फ मूर्खो द्वारा बनाया हुआ है |उसे जोखिम और मुश्किल लगने वाले कामो को करने में बड़ा मज़ा आता था |

एक बार की बात है नेपोलियन बोनापार्ट को एक युद्ध करने के लिए एल्फस पहाड़ को पार करके जाना था |उसने एल्फस पहाड़ के मुश्किल रास्तो और उसकी उचाई के बारे में काफी कुछ सुना हुआ  था| पर फिर भी उसे पहाड़ को पार करके जाना था |उसकी सेना इस बात से काफी डरी और घबरायी हुई थी क्योकि एक अफवाह फैली हुई थी की जिसने भी उस पहाड़ को पार करने की कोशिश की है वह वापिस नहीं आ पाया |

पर फिर भी उसने अपनी सेना के साथ उस पहाड़ को पार करके जाने की सोची |नेपोलियन बोनापार्ट और उसकी सेना में सब लोगो ने एल्फस पहाड़ के काफी किस्से और कहानिया सुनी थी पर किसी ने भी उस पहाड़ को देखा नहीं था  |समय आया और नेपोलियन बोनापार्ट अपनी सेना के साथ एल्फस पहाड़ की तरफ निकल गया |जब वह जा रहे थे

तो रास्ते में उन्हें एक बजुर्ग महिला मिली जिसने नेपोलियन बोनापार्ट से बताया की उस पहाड़ पर आज तक जो गया है वो कभी वापिस नहीं आया और उस महिला ने नेपोलियन बोनापार्ट को वहा जाने से मन भी किया यह सुन कर उसकी सेना के लोग बहुत घबरा गए और आगे जाने के लिए मना करने लगे |

नेपोलियन बोनापार्टयह बात सुन कर  पीछे हटने वालो में से नहीं था उसने उस महिला को अपना एक कीमती हार तोहफे के रूप में  दिया

और कहा की मुझे जोखिम भरे काम करना बहुत पसंद है और आपकी इस बात ने मेरा हौसला और बढ़ा दिया है अगर में जिन्दा वापिस लोटकर आ गया तो आप मेरे इस किस्से को सबको बताना |उसकी इन बातो से बुजुर्ग महिला पर काफी असर पड़ा और उसने उसे और उसकी सेना को आशीर्वाद दिया और उसकी सलामती के लिए दुआ भी  की ,वह अपनी सेना को आगे चलने  के लिए मनाने लगा पर सभी इतना डरे हुए थे की आगे  जाना नहीं चाहते थे |

उसने अपनी सेना के सामने शर्त रखी और कहा की ठीक है जब एल्फस पहाड़ आ जायेगा तो में आप सबको बता दूंगा आप सभी वही रुक कर मेरा इंतज़ार करना आगे में अकेला ही जाऊंगा उसकी इस शर्त पर सारे  सैनिक आगे बढ़ने के लिए तेयार हो गए और वह पहाड़ की चढ़ाई के लिए निकल गए 2 से 3 दिन की चढाई के बाद उन्हें एक बड़ा सा पहाड़ दिखाई दिया और सैनिको ने पूछा की क्या यही एल्फस पहाड़ है नेपोलियन ने कहा नहीं इस पहाड़ के बाद एक और पहाड़ आयेगा जो इस से भी डेढ़ गुना बड़ा होगा वह है एल्फस पहाड़ है |

सैनिक चढाई करते गए और उस पहाड़ को उन्होंने पार कर लिया |उस चढाई के बाद उनके सामने एक बहुत बड़ा खुला मैदान था ,सैनिको ने नेपोलियन से पूछा की एल्फस पहाड़ कहा है ? नपोलियन बोनापार्ट हसने लगा और कहा किस एल्फस पहाड़ की बात करते हो वह तो तुमने अभी पार कर लिया यह सुन कर सारे सैनिक आश्चर्य से भर गए उन्हें खुद पर यकीन नहीं हो रहा था की उन्होंने एल्फस पहाड़ पार कर लिया था इस बात से वह काफी खुश थे और उनका होंसला इतना बढ़ गया था की, वह युद्ध भी उन लोगो ने  फ़तेह कर  लिया 

दोस्तों कोई भी काम हमे तब तक ही मुश्किल लगता है जब तक हम उस काम को करना शुरु नहीं करते जब हम एक बार  किसी भी काम को करना शुरु कर देते है तो वह समय के साथ खुद ही आसान बन जाता है और वेसे भी यह मुश्किल और आसान शब्द  सब हमारे दिमाग की उपज होती है ,

मान लो अगर आपको एक ऐसा काम करना है जिसके बारे में आपको पता ही नहीं है  की यह काम आसान है या मुश्किल और आपने उस काम को शुरु कर दिया तो वह काम आप जरुर पूरा कर लोगे क्योकि आपको पता ही नहीं था ना ही किसी ने बातया की यह मुश्किल है

,अगर आपने उसी काम को शुरु किया और आपको किसी ने कहा की मुश्किल है नहीं होगा या आपको कही से पता चल गया की यह मुश्किल है तो आप या तो डर कर उस काम को अधुरा छोड़ देगे या फिर आप उस काम को शुरु ही नहीं करेगे और अगर आप उस काम को पूरा करने मै लगे रहते है

तो एक दिन आप वह काम पूरा  कर ही लोगे क्योकि एक काम के दो ही रिजल्ट निकल सकते है वह या तो पूरा हो जायेगा या नहीं होगा अगर पूरा नहीं भी होता तो कोई नहीं फिर से कोशिश करे थॉमस ए  एडिसन का नाम तो आप सब ने सुना ही होगा उसका कहना था -मै फ़ैल नहीं हुआ हु मेने 10000 ऐसे रास्ते पता कर लिए है

जो काम नहीं करते जब वह इलेक्ट्रिक बलब का अविष्कार कर रहे थे तो वह 10000 बार से ज्यादा असफल हुए थे तब उन्होंने कहा था की में असफल नहीं हुआ हु मेने 10000 ऐसे रास्तो की खोज की है जिससे बल्ब  नहीं बनाया जा सकता और बाद में उन्होंने अविष्कार कर लिया था |

तो कोशिश करते रहिये अगर कुछ ना भी बन पाए तो उस काम में एक्सपर्ट तो बन ही जाओगे , अगर नपोलियन भी यही सोच कर डर जाता की मुश्किल है तो शायद वो एल्फस पहाड़ की चड़ाई नहीं कर पाता

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