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दोस्तों इस पोस्ट मे मेने 4  Moral Stories Hindi Moral Story Hindi  Moral Story kids Hindi में दी है आशा करते है यह Short Hindi moral story आपको पसंद आयेगी

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एक किसान और साप की कहानी (Moral Stories Hindi Moral Story Hindi  Moral Story kids Hindi)

सर्दियों के दिन थे एक सुबह  एक किसान अपने खेत में गया।

उसने खेत जाकर देखा की एक साप जो ठण्ड की वजह से पूरा जमने वाला था और कभी भी मर सकता था  । किसान जानता था कि सांप कितना घातक हो सकता है, और फिर भी उसने उसे  उठाया और उसे  अपनी शाल में लपेट कर आगे बढ़ने लगा ।

सांप जल्द ही पुनर्जीवित हुआ, और जब वह पूरी तरह से ठीक हो गया , तो उस साप ने उस आदमी को डस लिया ।   वह आदमी जो बहुत दयालु था और उसकी मदद

कर रहा था । किसान को लगा कि वह अब मरने वाला है । इसलिए उसने शोर मचाया और बाकि के लोग जो खेतो मे काम कर रहे थे वह उसके पास आ गए पर तब

तक बहुत देर हो चुकी थी |जैसे ही उसने अपनी आखिरी सांस ली, उसने चारों ओर खड़े लोगों से कहा, “मेरी मौत से कुछ  सीखें और सोच समज कर ही किसी की मदद करे  “।

Story Moral  : कुछ  लोग या जीव ऐसे होते  हैं जो अपनी प्रकृति को कभी नहीं बदलते हैं, और ना ही वह इस चीज़ पर  ध्यान देते है की  हम उनके साथ कितना अच्छा व्यवहार करते हैं। हमेशा सतर्क रहें और उन लोगों से दूरी बनाए रखें जो केवल अपने फायदे के बारे में सोच रहे हैं।

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आलसी राजू की कहानी (Moral Stories Hindi Moral Story Hindi  Moral Story kids Hindi)

एक बार की बात है राजू बाज़ार की तरफ जा रहा था जो उसके  गाँव से काफी दूर पड़ता था वह वहा घास बेचने जाया करता था। रास्ते मे बारिश आ गयी बारिश बहुत

ज्यादा तेज थी जिसकी वजह से उसके आगे जाने का रास्ता पूरा खराब हो गया था | गढ़ों मे पानी भर गया था  उसे बाजार में जल्दी पहुंचना था  ताकि  वह अपना घास बेच

सके। पर घोड़ों के लिए गहरी मिट्टी में भार खींचना बहुत मुश्किल था। तबी गाडी के एक पहिया मुड गया जिसकी वजह से गाडी फ़स गयी और  घोड़े  गाड़ी को  खीच

नहीं पा रहे थे ।

राजू अपनी सीट से नीचे उतर गया  और अपनी गाड़ी के बगल में खड़ा  हो गया । उसने चारों ओर देखा  लेकिन राजू को उसकी  मदद करने के कोई भी नहीं मिला। वह

अपनी किस्मत  को कोसने लगा , वह निराश हो गया  और  हार मान कर  वही बैठ कर भागवान को कहने  “मैं बहुत दुर्भाग्यपूर्ण हूँ! यह मेरे साथ क्यों हुआ है? हे भगवान,

मेरी मदद करने के लिए नीचे आओ। उसने पहिया को उठाकर  उसे बाहर निकालने का थोडा सा  भी नहीं किया। इसके बजाए, उसने जो कुछ हुआ उसके लिए अपनी

किस्मत को बुरा बोलना शुरु कर दिया।

लंबे इंतजार के बाद, भगवान अंततः राजू के सामने दिखाई दिए। उन्होंने राजू से पूछा, “क्या आपको लगता है की आपके देखते रहने से ही और अपनी किस्मत को बुरा

कहने से यह गाडी बाहर निकल जाएगी ?

जब तक आप स्वयं की मदद करने के लिए कुछ प्रयास नहीं करते हैं, तब तक कोई भी आपकी सहायता नहीं करेगा। क्या आपने पहिया को अपने हाथो  से बाहर

निकालने का प्रयास किया? उठो और अपने कंधे को पहिये के साथ लगाकर थोडा जोर लगाओ । ”

राजू खुद से शर्मिंदा हुआ । वह नीचे झुक गया और अपने कंधे को पहिये  पर रख दिये  और घोड़ों को आगे की तरफ धका मारने  लगा । थोड़ी ही देर मे वह फसा हुआ

पहिया बाहर आ गया । राजू ने अपना सबक सीख लिया था । उन्होंने भगवान का शुक्रिया अदा किया और खुशी से अपनी यात्रा पर आगे बढ़ गया ।

 

Story Moral: परमेश्वर भी उन लोगों की मदद करता है जो स्वयं की  सहायता करते हैं

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भविष्य पढने वाले व्यक्ति की कहानी (Moral Stories Hindi Moral Story Hindi  Moral Story kids Hindi)

बहुत समय पहले की बात है एक आदमी का मानना ​​था कि वह सितारों में भविष्य को पढ़ सकता है। उसने खुद को ज्योतिषी कहा और वह सारी सारी रात अपना समय

आकाश में देखकर बिताया करता था । जो लोग अपना भविष्य के बारे मे जाना चाहते  थे वह अक्सर उस के पास आते थे, और यह जानने की कोशिश  करते थे कि

उनका भविष्य क्या है।

एक शाम वह  आदमी गांव के बाहर सड़क के किनारे  चल रहा था। और उसकी आंखें सितारों पर थी। वह भविष्य के बारे में अपने विचारों में खो गया। वह सितारों को

देख रहा था, और  नीचे देखे बिना चल रहा था। अचानक, वह मिट्टी और पानी से भरी  एक खाई में गिर गया।

वह गंदे पानी में डूब रहा था, और हाथ पैर मार कर खाई  से बाहर निकलने के प्रयास कर रहा था ।  उसने मदद के लिए चिल्लाना शुरू कर दिया। मदद के लिए उसकी

यह आवाज , रोना जल्द ही ग्रामीणों को सुनाई दे गया और वह भाग कर उसके पास आ गए ,

जैसे  तेसे गाँव वालो ने उसे  खाई  से बाहर खींच लिया, उनमें से एक ने कहा, “आप सितारों में भविष्य को पढ़ने का नाटक करते हैं, आपको अगर भविष्य का पता है तो

आपको यह नहीं पता क्या की आपके पैरो के आगे क्या है नीचे क्या है ?आपको इस समय उस चीज़ पर ध्यान देना चाइये जो इस समय आपके सामने है  क्योकि इस

समय किये गए कार्य से ही आपका भविष्य पता चलेगा । ”

Story Moral: हम सभी चाहते हैं कि हमारा भविष्य उज्ज्वल और खुश हो, लेकिन समय किसी के लिए नहीं रुकता है। प्रत्येक आने वाला (कल) आज बदला जा सकता है, आपका वर्तमान भी आपका भविष्य है। आगे बढ़ने ,जाने  और सुधारने के लिए हमेशा एक आने वाला  कल हमारे  पास रहता है, लेकिन आप उस  कल में वापिस नहीं  जा सकते जो बीत गया । तो, अगर आपको  बेहतर कल के लिए काम करने  हैं तो पहले अपने वर्तमान जीवन में  संतुलन को बनाए।

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बोलने से पहले एक बार जरुर सोचे एक बूढ़े आदमी की कहानी  (Moral Stories Hindi Moral Story Hindi  Moral Story kids Hindi)

एक गाँव मे एक बुढा व्यक्ति रहता था जो किसी ना किसे के बारे मे कुछ ना कुछ गलत बोलता रहता था | उसके पड़ोस में एक लड़का रहता जो बहुत ईमानदार और अच्छे चरित्र का था

बूढ़े आदमी ने उस लड़के के बारे मे झूटी  अफवाहें फैला दी  कि उसका पड़ोसी चोर है । कुछ ही दिनों मे खबर पुरे गाँव मे फ़ैल गयी और कुछ समय बाद ही गाँव मे एक

चोरी हो गयी सबको लगा चोरी उसी लड़के ने की है नतीजतन, उस लड़के  को गिरफ्तार किया गया । कुछ दिनों बाद युवा व्यक्ति निर्दोष साबित हुआ। रिहा होने के

बाद, वह बहुत अपमानित महसूस कर रहा था क्योंकि वह अपने घर गया था। और सब लोग उसे एक अजीब नजर से देख रहे थे |

उस लड़के ने बूढ़े आदमी पर गलत आरोप लगाने के लिए मुकदमा दायर किया।

अदालत में, बूढ़े आदमी ने न्यायाधीश से कहा, “में  सिर्फ मजाक कर रहा था  , मेने किसी को भी नुकसान नहीं पहुंचाया ..” न्यायाधीश ने मामले पर सजा देने से पहले बूढ़े

आदमी से कहा, “उन सभी चीजों को इस कागज  पर  लिखो  जो  आपने उसके बारे में कही थी । लिखने के बाद न्यायाधीश ने कहा  इस काग़ज को काट कर छोटे छोटे

टुकड़े करदो बूढ़े आदमी ने वेसा ही किया  न्यायाधीश  ने अब कहा की घर जाते समय इन टुकडो को रास्ते मे फेकते हुए जाना। और कल फैसला सुनने के लिए वापिस

आना “।

अगले दिन, न्यायाधीश ने बूढ़े आदमी से कहा, “न्याय सुनने  से पहले, आपको बाहर जाना होगा और कागज़ के सभी टुकड़े इकट्ठा करके यहाँ लाने  होगे  जिन्हें आपने

कल बाहर फेंक दिया था”। बूढ़े आदमी ने कहा, “मैं ऐसा नहीं कर सकता! पता नहीं वह कागज़ कहा कहा हवा के साथ उड़ गए होगे और मुझे नहीं पता कि में  उन्हें

कहां से वापिस लाऊंगा “।

न्यायाधीश ने तब जवाब दिया, “जेसे आप उन फैले हुए कागज को फिर से इकठा नहीं कर सकते तो वेसे ही एक बार  नष्ट  हुई इज्जत को इकठा नहीं कर सकते | और

जेसे वह कागज हवा मे उड़ गए होगे वेसे ही किसी के बारे में  मुह से निकली हुई गलत बात भी उड़ जाती है । बूढ़े आदमी ने अपनी गलती को महसूस किया और क्षमा

मांगी  “।

 

Story Moral: तथ्यों या सत्य को जानने के बिना किसी को भी बदनाम मत करो या दोष न दें। आपके शब्द किसी की गलती के बिना किसी की प्रतिष्ठा को बर्बाद कर सकते हैं।

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