Battle of Saragarhi in Hindi

Battle of Saragarhi in Hindi, Battle of Saragarhi History in Hindi

Battle of Saragarhi in Hindi -दोस्तों आज जो मे आपको बताने जा रहा हु वह आपको किसी मूवी की स्टोरी की तरह लगेगा| पर दोस्तों यह बात बिलकुल सच है और यह युद्ध सच मे हुआ था सारागढ़ी फोर्ट गुलिस्तान और फोर्ट लॉक हार्ट के बीच मे पड़ने वाली एक पोस्ट थी एक किला था |इस किले को महाराजा रणजीत सिंह जी ने बनवाया था |

जब यह हमला हुआ उस समय यह पर सिख रेजिमेंट 36 जिन्हें अब के समय सिख रेजिमेंट की 4th बटालियन के नाम से जाना जाता है के 21 सिख मौजूद थे सिख रेजिमेंट मे उस समय पुरे सिख केश धारी ( जिन्होंने लम्बे बाल रखे हो ) उन्हें ही भर्ती किया जाता था |इशर सिंह के नेतृत्व में तेनात इस सेना को पहले ही पता चल गया था की करीब 12000 अफगानी सेना हम पर हमला करने के लिए आ रहे है क्योकि यह पोस्ट फोर्ट गुलिस्तान और फोर्ट लॉक हार्ट के बीच मे पड़ने वाली एक पोस्ट थी|

और अफगानी फोर्ट गुलिस्तान  पर कब्ज़ा  करना चाहते थे |इतनी बड़ी फ़ौज के सामने 21 लोगो का बच पाना असंभव सा लगता है फिर भी उन जवानों ने लड़ने का फैसला किया और किसी भूखे शेर की तरह उनके आने का वेट करने लगे |

battle of saragarhi in hindi
                                           Battle of Saragarhi In Hindi

12 सितम्बर 1957 को एक ऐसी लड़ाई हुई जो दुनिया की 5 महानतम लड़ाईओ मे गिनी  जाती है बाहर से कोई मदद मिलने की उम्मीद भी नहीं थी जब अफगानी सेना ने किले को घेर लिया तब लाभ सिंह और भगवान् सिंह जो पोस्ट की गेट को संभाले हुए थे उन्होंने गोलियों की बारिश कर दी वह दोनों अपने दोनों हाथो मे बन्दूकोको पकड़ कर दोनों बन्दूको से बारिश कर रहे थे

उनके इस हौसले को देख कर अफगानी सेना में एक हडकंप सा मच गया क्योकि वह गोलिया चलाने के साथ साथ बोले सो निहाल – सतश्री अकाल  के जकारे लगा रहे थे बाकि सिखो ने भी जकारे लगाने शुरु कर दिए थे |उन जकारो की आवाज इतनी तेज और इतनी दूर तक जा रही थी की अफगान सेनिको को लगा की अन्दर तो हजारो की सेना है वह घबरा गए |

हजारो की संख्या मे सामने खड़े अफगानों की पहली गोली का शिकार भगवान सिंह हुए जो गेट पर खड़े होकर अफगान सेना को अन्दर आने से रोके हुए थेउन्होंने फिर किले की दिवार को तोड़ने का फैसला किया पर किला इतना मजबूत बना था वह उसे तोड़ने मे असफल हो गये | हवालदार इशर सिंह के नेतृत्व में बड़ी कुशलता से 21 सिखो ने सेकड़ो अफगानियो को गोलियों से भुन डाला |

लेकिन थोड़ी देर मे ही लगभग सबकी गोलिया खत्म हो चुकी थी| तभी इशर सिंह ने अपनी बटालियन के साथ निहत्थे ही अफगानियो पर हमला कर दिया |ऐसा कहा जाता है इशर सिंह किसी  भूखे शेर की तरह अफगानियो पर हमला कर रहे थे और निहत्थे ही उन्होंने 20 से अधिक  अफगानी सेनिको को मौत के घाट उतार दिया था |और उनके हतियार उठा कर अपने दोस्तों की तरफ फेक दिए इस तरह उन्होंने अफगानी सेनिको के काफी हथियार इकठे कर लिए |

Battle of saragarhi in Hindi
                             Battle of saragarhi in Hindi

अब सबसे पास दो दो बंदूके हो गयी थी और फिर वही हुआ दोनों हाथो से बंदूके चल रही थी बोले सो निहाल – सतश्री अकाल  के जकारे साथ हर जकारे के साथ ऐसा लगता था की उनकी शक्ति बढती जाती है और अफगानी सेना के लाशो के ढेर  बढ़ जाते | इस प्रकार लड़ते लड़ते सुबह से रात हो गयी पर सिखो ने अभी भी हार नहीं मानी थी |सारा दिन लड़ते लड़ते सिखो ने 700 से ज्यादा अफगानी सेनिको को मार गिराया था |

अफगानियो को इस लड़ाई मे भारी नुक्सान हुआ और वह किले को फ़तेह नहीं कर पाए सिख जवान अपनी आखरी सांस तक लड़े और किले को बचा लिया गया | जब यह खबर यूरोप पहुची तो सारी दुनिया सिखो के इस हौसले को देखकर सन्न रह गयी |

ब्रिटेन के संसद मे सभी लोगो ने खड़े होकर इन 21 बहादुरों को सलाम किया और सभी सिखो के मरने के बाद उन्हें इंडियन ऑर्डरऑफ़  मेरिड के मैडल से नवाजा गया जो आज के समय मे परमवीर चक्र के बराबर है तो दोस्तों यह थी  Battle of Saragarhi in Hindi में  पर  दोस्तों अफ़सोस होता है जो बात हम सबको पता  होनी चाइये वह बहुत कम ही लोगो को पता है और यूरोप के स्कूलो में यह कहानी आज भी उनकी किताबो मे है

और उन्हें पढाई जाती है पर हमारी हिस्ट्री की बुक मे सब कुछ मिलता है यहाँ तक कुछ क्रूर राजाओ की कहानिया मिलती है पर यह कहानी नहीं मिलती ,दोस्तों मे किसी भी व्यक्ति या धरम के खिलाफ नहीं हु पर जिस कहानी को दुसरे देशो मे पढाया जा सकता है उन्हें क्या अपनी हिस्ट्री की बुक मे एक पेपर नहीं मिल सकता ? धन्यवाद

                                                                                               Battle of Saragarhi History in Hindi

 

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